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हनुमान जी की गदा पाकिस्तान की संसद भवन में,वजह है मजेदार

संसार बहुत से ऐसे रोचक बाते है की हर कोई उस के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते है चाहे वो किसी भी धर्म या व्यक्ति से जुडी हो,जैसा की सिनेमा में फिल्मो में बताया जाता है की किसी भी तरह से गवाही देने से पहले गीता और कुरान की कसम दी जाती है,जबकि रियल में ऐसा कुछ नहीं होता है,यह सिर्फ एक तथ्य है जिसे लोग मानते है और दुसरो बताते है ऐसा ही कुछ हुआ जब सोशल मिडिया पे एक फोटो वाइरल हुई इस में साफ तरह से बताया गया की पाकिस्तान की संसद भवन में भगवान हनुमान की गदा रखे हुवे है जैसे समूचे भारत ने देख देख के वाइरल कर दिया अगर इस बात की सच्चाई को जान ले तो आप की हसी नहीं रुकेगी

सच्चाई के एक पहलु को जान कर भारतीय ये जानने को बहुत उत्सुक है की पाकिस्तान की विधानसभा में हनुमान जी की गदा क्यों रखे हुवे है,कई लोगो का मन्ना है की भगवान हनुमान को पाकिस्तान की संसद में पूजा जाता है और उन की पूजा होती है,लेकिन कोई नहीं जानते है की ये मांजरा क्या है आखिर,और क्यों इस को पाकिस्तानी अपनी संसद में रखा हुआ है,इस के पीछे क्या राज़ है और क्या सच में वहां के लोग भगवान की पूजा करते है,देखते है की भगवान हनुमान की गदा और पाकिस्तान के संसद में क्या झमेला है क्या सच्चाई है,आप को बता दे की यह बात पूर्ण रूप से सच है की पाकिस्तान की संसद में गदा रखी हुई है

भारतीय सभ्यता में, हिन्दू धर्म में गदा को क्रोध,अहंकार,लालच,वासना,किसी विशेष वस्तु हेतु लगाओ इन 5 तथ्य को त्यागना पड़ता है,गदा का मुख्य रूप हथियार न होकर के शासन करने की शक्ति और संप्रभुता शासन करने का अधिकार माना जाता है, आप को जानकर हैरानी होगी की आज के समय में भी ऐसा होता हो अब इस का पाकिस्तान के शासन से क्या ताल्लुक है देखते है

अकेले पाकिस्तान ही नहीं दुनिया के हर देश की संसद में इसे रखा हुआ पाया गया है इसका रंग रूप थोड़ा अलग हो जाता है जैसा की कॉमनवेल्थ गेम्स ब्रिटेन के अधीन राष्ट्रीय खेलो में आधी गदा को दिखया जाता है उस के बाद ही खेलो को खेला जाता है इस में वो गदा आधी होती है और उसमें से आग निकलती हुई प्रदर्शित होती है,जिसे हम मशाल कहते है अब इस का ये मतलब तो नहीं है की वो क्रोध,लालच,अहंकार,वासना को त्याग कर संप्रभु शक्ति और शासन करने की निति को दिखा रहे है

प्राचीन भारत में सभी राजाओ द्वारा न्याय के रूप में गदे को रखा जाता था जो की आगे चलकर आज़ादी से पहले तक कानून व्यवस्था में न्याय के भवन में इसे रखा जाता था क्यों के उचित न्याय करना भी एक धर्म है और इस गदा को भगवान का स्वरुप मान कर पूरा मामला सुलझाया जाता था,आजादी के बाद भी भारत में कही कही आज भी इस गदा को न्याय सदन में रखा जाता है ताकि सभी को उचित न्याय मिल सके,ऐसा कहा जाता है की भगवान् हनुमान को श्री राम के बाद जिससे सबसे ज्यादा प्यार था वो उन का गदा था,हनुमान अपने गदे को हमेशा अपने साथ रखा करते थे

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